बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन का 40 वां महाधिवेशन संपन्न

पटना-बिहार हिंदी साहित्य सम्मेलन का 40 वां महाधिवेशन का उद्घाटन आज सुबह 10:00 बजे न्यायमूर्ति श्रीमती मृदुला मिश्रा कुलपति चाणक्य राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के द्वारा किया गया,कवि एवं गायिका सरोज तिवारी द्वारा मंगलाचरण एवं सरस्वती वंदना प्रस्तुत की गई.मंच संचालन डॉ शंकर प्रसाद एवं धन्यवाद ज्ञापन शिववंश पांडे द्वारा किया गया!इसमें 27 लोगों का सम्मान किया गया।प्रथम वैचारिक सत्र में गांधी दर्शन और साहित्य विषय पर संगोष्ठी हुआ,जिसका उद्घाटन पटना उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति श्री राजेंद्र प्रसाद ने किया!स्वागत डॉ मधु वर्मा ने एवं मंच संचालन डॉक्टर भूपेंद्र कलसी एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर कल्याणी कुसुम सिंह ने किया।
द्वितीय वैचारिक सत्र में आचार्य देवेंद्र नाथ शर्मा एवं काव्य में अलंकार शास्त्र विषय पर गोष्ठी हुआ,इसका उद्घाटन पटना विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉक्टर एसएन पी सिन्हा ने किया,स्वागत प्रोफेसर बासुकीनाथ झा एवं मंच संचालन डॉ योगेंद्र नाथ मिश्र एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री कृष्ण सिंह ने किया।इसके बाद मुक्त सत्र एवं कवि सम्मेलन हुआ जिसका उद्घाटन श्री सत्यनारायण अध्यक्ष हिंदी प्रगति समिति बिहार ने किया, स्वागत श्री राजकुमार प्रेमी,मंच संचालन आचार्य आनंद किशोर शास्त्री एवं धन्यवाद ज्ञापन सुनील कुमार दुबे ने किया।सबसे अंत में सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसके मुख्य अतिथि दूरदर्शन केंद्र पटना के निदेशक डॉ राजकुमार नाहर है जिसमें लेखिका डॉक्टर शांति जैन के नृत्य वाटिका “सीतायन” पर प्रस्तुति हुई मंच संचालन शांति जैन एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री कुमार अनुपम ने किया।
रिपोर्ट-अरविन्द तिवारी