66 वें महिला नेशनल कबड्डी चैम्पिंयनशिप का समापन,आंध्र प्रदेश से आये महिला खिलाड़ीयों की टीम के कोच ने लगाये आयोजकों पर संगीन आरोप-देखे विडियों

आज पटना के पाटलिपुत्रा इंडोर गेम स्टेडियम में चल रहे 66 वें महिला नेशनल कबड्डी चैंपियनशिप का समापन हो गया.समापन समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी,खेल मंत्री सहित आयोजक बिहार राज्य कबड्डी संघ के तमाम अधिकारी मौजूद थे.इस बीच हमारी बातचीत आंध्र प्रदेश से आई महिला कबड्डी टीम आंध्र प्रदेश कबड्डी एसोसिएशन के कोच श्रीकांत से हुई.आपको बता दें कि श्रीकांत के अनुसार इस चैंपियनशिप के दौरान आंध्र प्रदेश से जिस कबड्डी टीम को लेकर श्रीकांत आए थे उसे परसों खेलने से रोका जा रहा था.जबकि श्रीकांत के अनुसार उनकी टीम का सिलेक्शन तमाम कागजी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद और आंध्र प्रदेश हाई कोर्ट के आदेश के बाद हुआ था.छोटी सी बातचीत के दौरान कोच श्रीकांत ने बिहार राज्य कबड्डी संघ और एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया पर संगीन आरोप लगाए.

श्रीकांत ने कहा कि बिना कोई उपयुक्त कारण के दादागिरी से हमारी टीम को बिहार राज्य कबड्डी संघ के सचिव और एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया के चतुर्वेदी के द्वारा खेलने से रोका जा रहा था.महिला खिलाड़ियों के साथ धक्का-मुक्की भी की गई.बाद में मामला बढ़ते देख पटना पुलिस के हस्तक्षेप पर खिलाड़ी खेल सके. बहरहाल बिहार राज्य कबड्डी संघ पर पहले भी दबंगई के आरोप लगते रहे है.आपको बता दें कि कबड्डी एसोसिएशन बिहार और एशियन गोल्ड मेडलिस्ट कबड्डी खिलाड़ी स्मिता कुमारी के द्वारा पटना उच्च न्यायालय में एक याचिका और एमेच्योर कबड्डी फेडरेशन ऑफ इंडिया को पत्र देकर इस आयोजन को रोकने की गुहार लगाई गई थी,इस संबंध में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भी ई-मेल के माध्यम से संबंधित सभी जानकारियां दी गई थी.

याचिका मे यह कहा गया था कि बिहार राज्य कबड्डी संघ आयोजन कराने और संस्था चलाने के संबंध में वैध नहीं है.जिस एक्ट में बिहार राज्य कबड्डी संघ निबंधित है वह एक्ट ही राज्य सरकार के द्वारा वापस लिया जा चुका है.

बहरहाल बिहार राज्य कबड्डी संघ के अधिकारियों के इस बर्ताव से आंध्र प्रदेश की टीम के खिलाड़ी हतोत्साहित है और निश्चित रूप से इस मामले में बिहार की छवि बिगड़ी है.दुसरे राज्य के महिला क्रिक्रेट खिलाड़ीयों और कोच के साथ हुआ यह व्यवहार दुर्भाग्यपुर्ण है और बिहार सरकार को इस मामले मे उचित कारवाई करने की आवश्यकता है.