विधि छात्रों को होना चाहिये न्याय का प्रतीक – सीजेआई रमना

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
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रायपुर – इस देश के भविष्य को आकार देना आप पर है। आप जो लिख रहे हैं , नीतियां तैयार कर रहे हैं और जो दलीलें अदालत में दे रहें हैं उसका दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। विधि छात्रों को सामाजिक न्याय का प्रतीक होना चाहिये। समाज के सबसे कमजोर लोग अक्सर राज्य या असामाजिक तत्वों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के शिकार होते हैं। ऐसे में मैं आप सभी से अनुरोध करूंगा कि न्याय के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिये आपने विश्वविद्यालय में जो कौशल सीखा है, उसका उपयोग करें।
उक्त बातें भारत के मुख्य न्यायाधीश एन०वी०रमना ने बतौर मुख्य अतिथि आज छत्तीसगढ़ की राजधानी में हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) के पांचवे दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके लिये बहुत महत्वपूर्ण दिन है। युवा लगातार आज बेहतर कर रहे है। कड़ी मेहनत का और कोई विकल्प नहीं होता। आपके पास अभी आगे बेहतर करने का बहुत समय है। सभी क्षेत्रों में बेहतर करने आपके पास अवसर है। सामाजिक पारदर्शिता बहुत आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है। लोगों को उनका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिये। विधिक कार्यवाही की रक्षा करना आपका कर्तव्य है। लोगों को उनका अधिकार बताना होगा। आपके पास एक विजन होना चाहिये और उसे पाने के लिये आप सभी के भीतर जोश और जज्बा होना चाहिये। भोजन , आवास , मूलभूत अधिकार लोगों को दिलाना प्राथमिकता होना चाहिये। वहीं उन्होंने छात्रों से कहा कि आप सभी इस देश के लिये अनमोल हैं और हम सभी को टेलेन्डेट माइन्ड्स को सही दिशा मे ले जाने की जरूरत है। इस दौरान सीजेआई रमना ने कहा मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि जितना संभव हो उतने निःस्वार्थ मामले उठायें , जैसे जस्टिस हिदायतुल्ला ने एक युवा बैरिस्टर के रूप में किया था। हिदायतुल्ला नेशनल लॉ युनिवर्सिटी की तारीफ करते हुए सीजेआई रमना ने कहा कि इसका नाम एक महान विधिवेत्ता के नाम पर रखा गया है , जिन्होंने अपना पूरा जीवन कानून के नाम पर समर्पित कर दिया था। चीफ जस्टिस ने छात्रों को बधाई देते हुये कहा कि ज्ञान और सूचना सबसे बड़े धरोहर है और इनका सही उपयोग करके ही हमें विकसित होते जाना है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने छत्तीसगढ़ के मुख्‍यमंत्री भूपेश बघेल की भी तारीफ की। उन्‍होंने समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में देश में छत्तीसगढ़ एक रोल माडल के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री को बधाई कि वो प्रदेश को एक नई दिशा की तरफ लेकर जा रहे हैं। मुख्य न्यायधीश रमना ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ज्यूडिशियल कम्युनिटी के बजट और अधोसंरचना से जुड़ी सभी जरूरतों का पूरा ख्याल रख रही है। इस दौरान सीजेआई ने आशा जताई है कि ये ट्रेंड इसी तरह जारी रहेगा और छत्तीसगढ़ ज्यूडिशियरी को सर्वोत्तम अधोसंरचना उपलब्ध कराने में बेहतर राज्य बनकर उभरेगा। ऐसे में जस्टिस एनवी. रमना ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ में विधिक शिक्षा के विकास में एक्टिव तरीके से मदद देने के लिये उन्हें बधाई दी। वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ की जनता को गुड गवर्नेंस प्रदान करने उनके द्वारा किये जा रहे प्रयासों के लिये शुभकामनायें भी दी। इस दौरान स्‍टूडेंंट्स ने मुख्‍य न्‍यायाधीश एन०वी० रमना के साथ सेल्‍फी भी ली। इस दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल सीजेआई एनवी रमना के साथ-साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। इसी कड़ी में विशिष्ट अतिथि सीएम बघेल ने हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के जर्नल लॉ एंड सोशल साइंस के छठें संस्करण का विमोचन करते हुये गोल्ड मेडलिस्ट छात्रो को उपाधि बांटी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनायें दीं। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार इस दीक्षांत समारोह में बीए एलएलबी (ऑनर्स ) बैच 2015 से 2020 के 160 स्टूडेंट्स , बीए एलएलबी बैच 2016 -2021 के 147 स्टूडेंट्स , 2019-2020 एवं 2020-2021 के एलएलएम के 49 और पीएचडी के 04 छात्र छात्राओं सहित कुल 360 छात्रों को डिग्री दी गई। वहीं कुल 23 छात्रों को एचएनएलयू में अध्ययन में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस०अब्दुल नजीर ने की। वहीं दीक्षांत समारोह में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी० वी० नागरत्ना , छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति अरूप कुमार गोस्वामी , आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा , छत्तीसगढ़ के कानून मंत्री मोहम्मद अकबर और आदिम जाति कल्याण विभाग के मंत्री डा प्रेमसाय सिंह टेकाम भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि सीजेआई एनवी रमना शनिवार शाम को रायपुर पहुंचे। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सीएम भूपेश बघेल ने होटल बेबीलॉन केपिटल पहुंचकर सीजेआई एनवी रमना का स्वागत किया और सौजन्य मुलाकात की। सीएन ने उन्हें शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी , आंध्रप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा , छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समस्त न्यायाधीश एवं हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर वीसी विवेकानंदन उपस्थित रहे। भारत के मुख्य न्यायाधीश एन०वी० रमना को राज्य अतिथि का दर्जा दिया गया। उनके दौरे को लेकर रायपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।

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