वायुसेना के हैलीकॉप्टर क्रैश होने से देश ने खोया सीडीएस चीफ जनरल

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
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नई दिल्ली – तमिलनाडु के कन्नूर में वायुसेना के हेलीकॉप्टर क्रैश होने के बाद घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती देश के पहले चीफ आफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत ने भी अंतत: दुनियां को अलविदा कह दिया। उनके निधन पर महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद , प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी , गृहमंत्री अमित शाह , रक्षामंत्री राजनाथ सिंह समेत अन्य विपक्षी नेताओं ने शोक जताया है।
गौरतलब है कि सीडीएस रावत , उनकी पत्नी और वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों समेत 14 लोग एमआई -17 व्ही 5 लिया में सवार होकर सुलूर आर्मी बेस से वेलिंगटन जा रहे थे और कुछ देर बाद ही यह विमान नीलगिरी के जंगलों में क्रैश हो गया। समाचार लिखे जाने तक इस हादसे में जहां 13 लोगों के मौत हो जाने की पुष्टि हुई वहीं एक ही हालत गंभीर है जिसका उपचार जारी है। हादसे के कारण का पता लगाने के लिये ‘कोर्ट ऑफ इंक्वायरी’ के आदेश दिये गये हैं। बताया जा रहा है कि सीडीएस रावत के अलावा हेलिकॉप्टर में उनकी पत्नी मधुलिका रावत , ब्रिगेडियर एलएस लिद्दर , लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह , नायक गुरसेवक सिंह , नायक जितेंद्र कुमार ,  लांस नायक विवेक कुमार , लांंस नायक बी० साई तेजा और हवलदार सतपाल सवार थे। हादसे के बाद हेलिकॉप्टर में आग लने से सभी शव इतनी बुरी तरह से जल गये हैं कि उनकी पहचान डीनएनए टेस्टिंग से की जायेगी। बताते चलें कि एम आई -17 व्ही 5 दुनियां का सबसे एडवांस ट्रांसपोर्ट हेलिकॉप्टर है। इसे सेना और हथियारों के ट्रांसपोर्ट , फायर सपोर्ट , रक्षक दल की गश्ती और सर्च-एंड-रेस्क्यू मिशन में भी तैनात किया जा सकता है। साथ ही इसे कार्गो ट्रांसपोर्ट के लिये डिजाइन किया गया है। इसका इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यानि वैरी वीआईपी के मूवमेंट से लेकर आर्मी ऑपरेशन तक में होता है। दुनियां के करीब 60 देश 12 हजार से ज्यादा एमआई -1717 हेलिकॉप्टर इस्तेमाल करते हैं।

अनेक पदकों से सम्मानित रहे रावत
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उत्तराखण्ड से ताल्लुक रखने वाले जनरल रावत आर्मी चीफ से 31 दिसंबर 2019 को रिटायर होने के बाद देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ बने थे। वे 31 दिसंबर 2016 को आर्मी चीफ बनाये गये थे। इनका पूर्वी सेक्टर में एलओसी , कश्मीर घाटी और पूर्वोत्तर में काम करने का लंबा अनुभव था। अशांत इलाकों में काम करने के अनुभव को देखते हुये मोदी सरकार ने दिसंबर 2016 में जनरल रावत को आर्मी चीफ बनाया था। रावत को चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद बनाये जाने की घोषणा पीएम मोदी ने लाल किले पर दिये 15 अगस्त के भाषण से की थी। बिपिन रावत को यूआईएसएम , एवीएसएम , वाईएसएम , एसएम , वीएसएम के साथ वीरता और विशिष्ट सेवा के लिये सम्मानित किया गया है। उन्हें दो मौके पर सीओएएस कमेंडेशन और आर्मी कमेंडेशन भी दिया गया। संयुक्त राष्ट्र की सेवा करते हुये बिपिन रावत को दो बार फोर्स कमांडर के कमेंडेशन से सम्मानित किया गया। उन्होंने पूर्वी सेक्टर में चीन से सटी वास्तविक नियंत्रण रेखा के साथ एक इन्फैन्ट्री बटालियन की कमान सम्हाली थी। इसके अलावा वे एक राष्ट्रीय रायफल्स सेक्टर, कश्मीर घाटी में एक इन्फ्रैंट्री डिवीजन और उत्तर पूर्व में एक कोर का नेतृत्व कर चुके हैं।रावत का परिवार कई पीढ़ियों से भारतीय सेना में सेवायें दे रहा है। उनके पिता सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल लक्ष्मण सिंह रावत वर्ष 1988 में उप सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त हुये। विपिन रावत को वर्ष 1978 में सेना की 11वीं गोरखा राइफल्स की पांचवी बटालियन में कमीशन मिला था। -भारतीय सैन्य अकादमी में उन्हें सोर्ड ऑफ ऑनर मिला। वर्ष1986 में चीन से लगी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर इंफैंट्री बटालियन के प्रमुख थे। इन्होंने राष्ट्रीय राइफल्स के एक सेक्टर और कश्मीर घाटी में 19 इन्फैन्ट्री डिवीजन की अगुवाई भी की। इन्होंने कॉन्गो में संयुक्त राष्ट्र के शांति मिशन का नेतृत्व भी किया। एक सितंबर 2016 को उप सेना प्रमुख की जिम्मेदारी सम्हाली थी।