“मै लड़की हूं” अंजू शर्मा

मैं लड़की हूँ — गो सेवा प्रवक्ता अंजू शर्मा की कलम ✍ से

मैं लड़की हूं
मत रोको , मत टोको, मत गाली दो मुझे
मत अहसास दिलाओ कि मैं लड़की हूँ ।
मुझे पता है मैं लड़की हूं इसलिये तो मैं कुछ कर सकती नही
और हर अत्याचार , जुल्म को चुपचाप सहती हूँ ।
जब भी मैं उठाती हूं कोई नया कदम
जिंदगी को जिंदगी की तरह जीना चाहती हूँ
तभी मेरे लड़की होने का एहसास
मेरे हौसले को पस्त कर देता है
मैं जिंदगी को जिंदगी की तरह जी सकती नहीं
मौत को सहन कर सकती नहीं
अपनों का गिरना चाहती नहीं हर हंसी पर पहरे हैं मेरे
मैं खुलकर रो सकती नहीं दुनिया लाख पहुंची आसमान पर
मैं तो मील का पत्थर हूँ
जहां से चल सकती नहीं
लाख काबिलियत हो मुझमें
फिर भी बिना इजाजत कुछ कर सकती नहीं
क्योंकि मैं लड़की हूं ।