पॉस्को कानून में होगा बदलाव

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

नई दिल्ली — केंद्रीय मंत्रिमंडल ने यौन अपराध संरक्षण (पॉक्सो) कानून में जरूरी संशोधनों को मंजूरी दे दी है। बच्चों के साथ यौन अपराध करने वालों को अब फाँसी की सजा दी जा सकेगी। कानून में संशोधन में बाल पोर्नोग्राफी पर लगाम लगाने के लिये सजा और जुर्माने का भी प्रावधान किया गया है। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक के बाद सूचना व प्रसारण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने कहा है कि कैबिनेट ने बच्चों के प्रति अपराधों की गंभीरता को देखते हुए इससे निपटने के लिये पॉक्सो कानून में संशोधनों को मंजूरी दी है। कानून में बच्चों के खिलाफ यौन अपराध करने वालों को मृत्युदंड देने का प्रावधान शामिल किया गया है। सरकार ने कहा कि इन संशोधनों से बाल यौन उत्पीड़न पर अंकुश लगने की उम्मीद है क्योंकि कानून में शामिल किये गये मजबूत दंडात्मक प्रावधान निवारक का काम करेंगे।जावड़ेकर ने कहा है कि इसकी मंशा परेशानी में फँसे असुरक्षित बच्चों के हितों का संरक्षण करना तथा उनकी सुरक्षा और गरिमा सुनिश्चित करने की है। संशोधन का उद्देश्य बाल उत्पीड़न के पहलुओं तथा इसकी सजा के संबंध में स्पष्टता लेकर आने का है।