पानी की भारी किल्लत से जूझ रहा चेन्नई,कई नदियां और जल स्रोत सूखे-

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

चेन्नई-तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में लोग पानी की भारी किल्लत का सामना कर रहे है. एक-एक बूंद के लिए लोग बेताब है. शहर के हालात ऐसे हैं कि पीने के पानी के लिए लोग अहले सुबह उठकर पहले टोकन ले रहे हैं और फिर लंबी-लंबी लाइनों में लगकर पानी भरने को मजबूर हैं. पानी की किल्लत का अंदाजा इसीसे लगाया जा सकता है की स्कूलों का टाइम कम कर दिया गया है और प्ले स्कूल बंद कर दिए गए हैं.

पानी की बूंद के लिए तरस रही जिंदगी

गौरतलब है की चेन्नई पिछले कई सालों से पानी की कमी से जूझ रहा है,लेकिन बिते कुछ सालों से हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं. राज्य के कई जल स्त्रोत और नदियां सूख गई है और जिंदगी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रही हैं.
वहीं गंभीर जल संकट के बीच राज्य सरकार ने कहा है कि वह अक्टूबर में उत्तर पूर्व मानसून के आने तक अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए मुख्यत: भूजल पर निर्भर है.मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य मे सूखे और मानसून की कम बारिश से भूजल स्तर में गिरावट हुई है.उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाया की यह मुद्दा उतना बड़ा नहीं है जितना उसे विशेष रूप से मीडिया में बनाया जा रहा है.