नप गए सुल्तानगंज इंस्पेक्टर,अपहरण केस दर्ज करने में टाल मटोल का आरोप-भागलपुर-

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72 घंटे के भीतर भागलपुर रेंज के तीसरे थानेदार सस्पेंड

भागलपुर-सुल्तानगंज थाना क्षेत्र में स्थित अजगैबी ज्वेलर्स के कारीगर छोटू उर्फ रंजीत कुमार के गायब होने के मामले में केस दर्ज नहीं करने पर सुल्तानगंज थाना के थानेदार सह इंस्पेक्टर अमर विश्वास को डीआईजी विकास वैभव ने सोमवार को निलंबित कर दिया है.रंजीत कुमार तातरपुर थाना क्षेत्र के मंदरोज़ा निवासी कृष्ण प्रसाद साह का पुत्र है.वह विगत 25 मई से ही लापता था। बिते 29 मई को वे सुल्तानगंज थाना अपने बेटे के अपहरण का मामला दर्ज कराने गए थे, जिसमें उन्होंने अपनी बहन कल्याणी देवी और बहनोई बजरंगी प्रसाद साह पर अपहरण का आरोप लागाया था. लेकिन थाने में शिकायत दर्ज नहीं की गई. इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत डीआईजी से की. इस मामले में एसएसपी और डीएसपी ने भी केस दर्ज करने का निर्देश इंस्पेक्टर को दिया था. लेकिन थानेदार के द्वारा इस बात को भी नजर अंदाज कर केस दर्ज नहीं किया गया. गौरतलब है की भागलपुर रेंज के डीआईजी विकास वैभव एक्शन मे है.आपको बता दें की 72 घण्टे के भीतर डीआईजी ने केस दर्ज नहीं करने पर तीसरी कार्रवाई करते हुए सुल्तानगंज थानेदार को निलंबित कर दिया है. बता दें कि विगत शनिवार को एक वृद्ध महिला की बेटी का अपहरण का केस दर्ज नही करने और डीआईजी के निर्देश का उल्लंघन करने पर भागलपुर जिला के सजोर थानाध्यक्ष एसआई शंकर दयाल प्रभाकर को सस्पेंड किया गया था. नवगछिया पुलिस जिला में थानेदार ने अपहरण का केस दर्ज नही किया,जिसके बाद रविवार सुबह अपहृत युवक का शव मिला. जिसके बाद लोगो मे पुलिस के विरुद्ध आक्रोश भड़क गया. इस मामले में डीआईजी ने नवगछिया थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर लाल बहादुर को सस्पेंड कर दिया.डीआईजी विकास वैभव भागलपुर ने पद पर रहते हुए 18 हज़ार शिकायतकर्ताओं से सीधी मुलाकात की और उन्हे समस्याओं से निजात दिलाया।वही ड्यूटी के प्रति लापरवाह और जनता को परेशान करने वाले 49 थानेदारों को निलंबित किया।

रिपोर्ट-मनीष तिवारी