तेज बहादुर समेत वाराणसी से 89 प्रत्याशियों का नामांकन खारिज, उम्मीदवारों ने किया हंगामा

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

वाराणसी — जिला निर्वाचन अधिकारी ने वाराणसी संसदीय सीट से चुनाव लड़ने के लिये नामांकन करने वाले 119 प्रत्याशियों में से 89 प्रत्याशियों का नामांकन खारिज कर दिया है। अधिकारी के अनुसार फार्म अपूर्ण व त्रुटियों के चलते खारिज किया गया है। पीएम नरेंद्र मोदी समेत 31 उम्मीदवारों का नामांकन पत्र जांच प्रक्रिया के बाद स्वीकार कर लिया गया है। दूसरी ओर नामांकन पत्र खारिज होने से नाराज उम्मीदवारों ने जमकर हंगामा किया है।

वाराणसी लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी और बर्खास्त बीएसएफ जवान तेज बहादुर यादव की उम्मीदवारी खारिज हो गई है। निर्वाचन अधिकारी ने बुधवार को तेज बहादुर का नामांकन रद्द कर दिया। वाराणसी के रिटर्निंग आॅफिसर ने उनसे बुधवार तक नोटिस का जवाब देने को कहा था। नामांकन रद्द होने पर तेज बहादुर ने कहा कि मेरा नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया है, हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। नामांकन रद्द होने के बाद तेज बहादुर ने कहा, मेरा नामांकन गलत तरीके से रद्द किया गया है। मुझे मंगलवार शाम 6:15 बजे तक सबूत देने के लिए कहा गया था, मैंने सबूत दिए भी। इसके बावजूद मेरा नामांकन रद्द कर दिया गया। हम इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। तेज बहादुर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने वाराणसी से चुनाव लड़ने की तैयारी में थे। बता दें कि नामांकन पत्रों की जांच के बाद तेज बहादुर यादव द्वारा दाखिल दो नामांकन पत्रों में बीएसएफ से बर्खास्तगी की दो अलग-अलग जानकारी सामने आई थी। इसके बाद उन्हें 24 घंटे के अंदर बीएसएफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र लेकर जवाब देने को कहा गया था। तेज बहादुर से नोटिस में कहा गया था कि वह बीएसएफ से एनओसी लेकर आएं, जिसमें यह साफ किया गया हो कि उन्हें किस वजह से नौकरी से बर्खास्त किया गया था। इससे पहले एसपी ने शालिनी यादव को अपना कैंडिडेट घोषित किया था। लेकिन 29 अप्रैल को एसपी ने अपना कैंडिडेट बदलकर तेज बहादुर के नाम का ऐलान किया था। शालिनी यादव पहले कांग्रेस में थीं और वाराणसी में मेयर के चुनाव में उन्हें 1. 13 लाख वोट मिले थे।