तीसरे कार्यकाल में पीएम मोदी पहली विदेश यात्रा में आज होंगे इटली रवाना

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट

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रोम (इटली) – इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पचासवें जी-7 उन्नत अर्थव्यवस्थाओं के वार्षिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिये आज 13 जून गुरूवार को इटली की यात्रा करेंगे। यह शिखर सम्मेलन 14 जून को इटली के अपुलिया में फसानो शहर एरिया में स्थित बोर्गो एग्नाज़िया के लग्जरी रिजॉर्ट में आयोजित किया जायेगा, जहां भारत को एक आउटरीच देश के रूप में आमंत्रित किया गया है। यह लगातार तीसरे कार्यकाल में पदभार सम्हालने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहली विदेश यात्रा होगी। इससे उन्हें जी -7 शिखर सम्मेलन में उपस्थित अन्य विश्व नेताओं के साथ भारत और वैश्विक दक्षिण के लिये महत्वपूर्ण मुद्दों पर बातचीत करने का अवसर भी मिलेगा। उल्लेखनीय है कि भारत के लोकसभा चुनाव के परिणाम आने से काफी पहले ही इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने पीएम मोदी को जी -7 शिखर सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दे दिया था। भारत जी – 7 का सदस्य देश नहीं है, पर फिर भी पीएम मोदी को पिछले कुछ सालों से हर साल जी-7 शिखर सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिये आमंत्रित किया जाता है। भारत के साथ ही दूसरे कुछ अन्य देशों को भी इस शिखर सम्मेलन में शामिल होने का आमंत्रण दिया जाता है। इस बार के सम्मेलन में भारत के अलावा यूक्रेन , ब्राजील , अर्जेंटीना , तुर्किए , संयुक्त अरब अमीरात , कीनिया , अल्जीरिया , ट्यूनीजिया और मॉरीतानिया के राष्ट्राध्यक्षों को भी न्यौता दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक पीएम मोदी के साथ एक उच्‍चस्‍तरीय प्रतिनिध‍िमंडल भी इटली जायेगा जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर , राष्‍ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अज‍ित डोभाल , विदेश सच‍िव विन मोहन क्वात्रा समेत कई लोगों के शामिल होने की संभावना है। इटली के अपुलिया क्षेत्र के बोर्गो एग्नाजिया के आलीशान रिसॉर्ट में 13 से 15 जून तक आयोजित होने वाले जी-7 शिखर सम्मेलन में यूक्रेन में चल रहे युद्ध और गाजा में संघर्ष का मुद्दा छाया रहने की प्रबल संभावना है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बिडेन , उनके फ्रांसीसी समकक्ष इमैनुएल मैक्रों , जापानी प्रधानमंत्री फूमियो किशिदा और कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो शिखर सम्मेलन में भाग लेने वाले शीर्ष नेताओं में शामिल हैं। यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की भी उनके देश पर रूसी आक्रमण पर एक सत्र में भाग लेने वाले हैं। बताते चलें जी-7 में अमेरिका , ब्रिटेन , फ्रांस , इटली , जर्मनी , कनाडा और जापान शामिल है। वर्तमान में जी – 7 शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता इटली के पास है , ऐसे में समिट की मेजबानी इटली कर रहा है। इस शिखर सम्मेलन में ग्लोबल साउथ के अनेक ज्वलंत मुद्दों पर चर्चा होगी। सम्मेलन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस , दक्षिणी अफ्रीकी की समस्या जैसे मुद्दे प्रमुख होंगे। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा के अनुसार इस दौरान पीएम मोदी इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से द्व‍िपक्षीय बातचीत भी करेंगे। दोनों नेता संबंधों को नई ऊंचाई पर कैसे ले जायें , इसके बारे में विस्‍तार से चर्चा करेंगे और आगे का दिशा निर्देश देंगे।

 

भारतीय विदेश मंत्रालय ने जताई नाराजगी

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इटली दौरा से पहले वहां के कुछ खालिस्तानी समर्थकों ने महात्मा गांधी की प्रतिमाा को तोड़ दिया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इटली यात्रा के दौरान महात्मा गांधी की इस प्रतिमा का उद्घाटन करने वाले थे , लेकिन उद्घाटन से पहले ही खालिस्तानियों ने इसे क्षतिग्रस्त कर दिया। यही नहीं इस प्रतिमा की आधारशिला पर उन्होंने हरदीप सिंह निज्जर के समर्थन में नारे भी लिखे हैं। महात्मा गांधी की प्रतिमा को तोड़ने के बाद भारतीय विदेश मंत्रालय ने इस मामले में अपनी प्रतिक्रिया दी है। विदेश सचिव विनय मोहन क्वात्रा ने कहा कि हमनें इटली में महात्मा गांधी की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाये जाने का मामला उठाया है , गांधीजी की प्रतिमा को ठीक कर दिया गया है। इस मामले में इटली के अधिकारियों के साथ बातचीत की गई है और उस पर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।

Ravi sharma

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