छग भाजपा को बड़ा झटका,सोलह पुलिस और प्रशासन से जुड़े अधिकारियों ने छोड़ा भाजपा का दामन

रायपुर–लोकसभा 2019 के चुनाव से ठीक पहले छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी को बहुत बड़ा झटका लगा है । सेवानिवृत्त डीजी राजीव श्रीवास्तव सहित सोलह सेवानिवृत्त पुलिस और प्रशासन से जुड़े उच्च अधिकारियों ने एक साथ भाजपा का दामन छोड़ दिया । सभी अधिकारियों ने छत्तीसगढ़ के नवनियुक्त भाजपा अध्यक्ष विक्रम उसेंडी को एक ही पत्र में इस्तीफा दिया है । इन सभी ने अपने इस्तीफा में एक ही लाईन लिखा है कि अपरिहार्य कारणों से हम,भाजपा छत्तीसगढ़ की प्राथमिक सदस्यता से त्याग पत्र देते हैं और उसी पत्र में सभी सोलह नेताओं ने अपना हस्ताक्षर किया है । गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव के ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में बड़े ही जोर-शोर के साथ इन सेवानिवृत्त अधिकारियों को भारतीय जनता पार्टी में प्रवेश कराया गया था लेकिन जैसे ही छत्तीसगढ़ प्रदेश में सरकार बदली इन सभी ने पार्टी छोड़ने में ही अपनी भलाई समझा। दिलचस्प बात यह है कि इन सभी अधिकारियों ने एक साथ भाजपा का दामन थामा था और एक साथ पार्टी भी छोड़ दी। राजनीति के इस खेल में आगे क्या होने वाला है यह तो आने वाला समय ही बता पायेगा ।

छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी से त्यागपत्र देने वाले

01.राजीव श्रीवास्तव आईपीएस सेवानिवृत्त महानिदेशक छत्तीसगढ़ पुलिस
02.आरसी सिन्हा आईएएस सेवानिवृत्त प्रमुख सचिव छत्तीसगढ़ शासन
03.एनकेएस ठाकुर आईपीएस सेवानिवृत्त उप पुलिस महानिरीक्षक छत्तीसगढ़ पुलिस
04.विमल चंद गुप्ता आईबीएस सेवानिवृत्त अतिरिक्त महानिदेशक आकाशवाणी दूरदर्शन
05.एचके धागमवार पूर्व महाप्रबंधक एनटीपीसी
06.आरके तिवारी पूर्व वन सेवा अधिकारी
07. ्बंशीलाल कुर्रे सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक छत्तीसगढ़
08.आरके शर्मा सेवानिवृत्त सहायक पुलिस महानिरीक्षक छत्तीसगढ़
09.भोजेन्द्र उके सेवानिवृत्त अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक छत्तीसगढ़
10.प्रदीप मिश्रा सेवानिवृत्त उप पुलिस निरीक्षक छत्तीसगढ़
11.शमशीर खान सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक छत्तीसगढ़
12.अजीत चौबे सेवानिवृत्त उप पुलिस अधीक्षक छत्तीसगढ़
13.डा० हेमू यदू सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी/ इतिहास शोधकर्ता
14.घनश्याम शर्मा संगीत शिक्षक
15.डॉक्टर नीता शर्मा होम्योपैथिक अंतरराष्ट्रीय मनोचिकित्सक
16.सुभाष वर्मा सेवानिवृत्त जेल अधिकारी मनोवैज्ञानिक प्रशिक्षक
रिपोर्ट-अरविन्द तिवारी