चर्चित कृष्णानंद राय हत्याकांड मे मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपी बरी,एके 47,चार सौ गोलिंया,सात मौतें और कातिल कोई नही-पढ़े पूरी रिपोर्ट

नईदिल्ली-स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने चर्चित भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या के मामले मे पूर्व विधायक मुख्तार अंसारी समेत सभी आरोपियों को बरी कर दिया है.गौरतलब है की मुख्तार अंसारी मऊ से पांच बार विधायक चुने गए है.आपको बता दे की भाजपा विधायक कृष्णानंद राय की हत्या साल 2005 मे कर दी गई थी.राय गाजीपुर जिले के मोहम्दाबाद से विधायक थे.
दिल्ली की सीबीआई अदालत ने बुधवार को भाजपा के तत्कालीन विधायक कृष्‍णानंद राय और उनके छह साथियों की हत्या के मामले में बाहुबली विधायक मुख़्तार अंसारी,उनके सांसद भाई अफजाल अंसारी समेत अन्य सभी आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया. करीब 14 साल बाद आए इस फैसले के बाद  सवाल उठ रहा है कि अत्याधुनिक हथियार एके 47 से 400 राउंड गोलियां चलीं,सात लोग मारे गए और कातिल कोई नहीं निकला! इस फैसले से कृष्णानंद राय हत्याकांड का राज भी दफ़न हो गया.

मृतको के शरीर से निकली थी 67-67 गोलियां

29 नवंबर 2005 की तारीख गाजीपुर के इतिहास में काले अध्याय की तरह है. इसी दिन मोहम्मदाबाद से तत्कालीन भाजपा विधायक कृष्णानंद राय और उनके छह साथियों को गोलियों से छलनी कर हत्या कर दी गई थी. हमलावरों ने एके-47 से 400 राउंड गोलियां चलाई थीं. सातों शवों से 67 गोलियां निकली गई थीं. इस मामले में सात लोगों पर 14 साल तक मुकदमा चला,लेकिन नतिजे कुछ नही निकले.पुलिस और सीबीआई ने इस मामले में अंसारी भाइयों के अलावा संजीव माहेश्वरी जीवा,मुन्ना बजरंगी,एजाज,अताउर रहमान, फिरदौस,राकेश पाण्डेय,रामू मल्लाह,विश्वास नेपाली,जफर, अफरोज खान और मंसूर अंसारी के खिलाफ छह अलग-अलग चार्जशीट दायर किये थे. फिरदौस की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई. मुन्ना बजरंगी की नौ जुलाई, 2018 को बागपत जेल में हत्या कर दी गई. विश्वास नेपाली और जफर आज तक पकड़े नहीं गए हैं, जबकि अफरोज उर्फ चुन्नू पहलवान के खिलाफ यह केस बंद किया जा चुका है.बहरहाल सवाल अपनी जगह आज भी कायम है की आखिर किसने इतने बड़े और जघ्नय हत्याकांड को अंजाम दिया.लोग जानना चाहते है की जब एक तत्कालीन विधायक की हत्या मे 14 साल बाद आये फैसले मे सभी आरोपी बरी हो जाते है तो आम आदमी का क्या होगा.