आठ लाख के ईनामी प्लाटून कमांडर समेत चार नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण-

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट


दंतेवाड़ा –छत्तीसगढ़ शासन की पुनर्वास योजना से प्रभावित और खोखली नक्सल विचारधारा से तंग आकर सेंट्रल कमेटी सुरक्षा (उड़ीसा) के प्लाटून कमांडर समेत चार माओवादियों ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया है। कमांडर पर आठ लाख रूपये का ईनाम रखा गया था। जिसने अन्य साथी नक्सलियों के साथ आत्मसमर्पण किया है। नक्सल विरोधी आत्मसमर्पित नक्सलियों में गुड्डू उर्फ सुरेश, दिलीप पुनेम, लक्ष्मण अटामी और मुन्ना राम शामिल हैं। नक्सली गुड्डू सेंट्रल कमेटी सुरक्षा (उड़ीसा) प्लाटून 3 का कमांडर था। वह 2007 से 2009 तक भैरमगढ़ एरिया कमेटी का सदस्य था। 2009 से 2010 तक सोनाबेड़ा (उड़ीसा) में नक्सल संगठन में रहकर काम किया। 2010 से 2014 तक सोनाबेड़ा में ही एलजीएस कमांडर के तौर पर संगठन में काम किया। 2014 से 2018 तक सेंट्रल कमेटी सुरक्षा प्लाटून नंबर 3 के डिप्टी कमांडर था। उसके बाद 2019 में कमांडर के पद पर पदोन्नत होकर कालाहांडी उड़ीसा में सक्रिय था। इसी प्रकार दिलीप पुनेम जनमिलिशिया कमांडर तथा लक्ष्मण अटामी और मुन्ना राम जनमिलिशिया सदस्य के तौर में लंबे समय से सक्रिय थे। चारों माओवादियों ने नक्सलियों के खोखली विचारधारा से तंग आकर एसपी अभिषेक पल्लव के समक्ष सरेंडर किया है। आत्मसमर्पित सभी नक्सली पुलिस पार्टी पर हमला, हथियार लूट, आगजनी और ग्रामीणों की हत्या जैसे अपराधों में शामिल रहे।