अमृत महोत्सव के उपलक्ष्य में हर घर में तिरंगा अवश्य फहरायें – पीएम मोदी

अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
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नई दिल्ली – आज की ‘मन की बात’ के बहुत खास होने का कारण है इस बार का स्वतंत्रता दिवस , जब भारत अपनी आज़ादी के पचहत्तर वर्ष पूरे करेगा। हम सभी बहुत अद्भुत और ऐतिहासिक पल के गवाह बनने जा रहे हैं। ईश्वर ने ये हमें बहुत बड़ा सौभाग्य दिया है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अपने मासिक रेडियो वार्ता कार्यक्रम मन की बात के 91 वें एपिसोड में देशवासियों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने अपने संबोधन की शुरुआत देश के इस बार के स्वतंत्रता दिवस को बेहद खास बताते हुये की। उन्होंने आज की तारीख यानि 31 जुलाई का जिक्र करते हुये कहा कि आज से ठीक 78 वर्ष पहले वर्ष 1940 में अंग्रेजों ने भारत के एक वीर सपूत को फांसी दे दी थी। देश के उस बेटे का नाम शहीद ऊधम सिंह था , जिन्होंने 13 अप्रैल 1919 को हुये जालियांवाला बाग नरसंहार के गुनाहगार को मारा था। उन्होंने शहीद उधमसिंह को श्रद्धांजलि देते हुये कहा कि आज के ही दिन हम सभी देशवासी मिलकर शहीद उधमसिंह जी की शहादत को नमन करते हैं। मैं ऐसे अन्य सभी महान क्रांतिकारियों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं , जिन्होंने देश के लिये अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि आप भी सोचिये अगर हम गुलामी के दौर में पैदा हुये होते तो इस दिन की कल्पना हमारे लिये कैसी होती ? गुलामी से मुक्ति की वो तड़प , पराधीनता की बेड़ियों से आज़ादी की वो बेचैनी – कितनी बड़ी रही होगी। पीएम ने कहा कि जब हम हर सुबह इस सपने के साथ जग रहे होते कि मेरा हिंदुस्तान कब आज़ाद होगा और हो सकता है हमारे जीवन में वो भी दिन आता जब वंदेमातरम और भारत माँ की जय बोलते हुये हम आने वाली पीढ़ियों के लिये अपना जीवन समर्पित कर देते , जवानी खपा देते।प्रधानमंत्री ने कहा मुझे ये देखकर बहुत खुशी होती है कि आज़ादी का अमृत महोत्सव एक जन आंदोलन का रूप ले रहा है। सभी क्षेत्रों और समाज के हर वर्ग के लोग इससे जुड़े अलग-अलग कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। इस दिशा में इसी जुलाई एक बहुत ही रोचक प्रयास हुआ है , जिसका नाम है आज़ादी की रेलगाड़ी और रेलवे स्टेशन। इस प्रयास का लक्ष्य है कि लोग आज़ादी की लड़ाई में भारतीय रेल की भूमिका को जानें। पीएम मोदी ने कहा झारखंड के गोमो जंक्शन को अब आधिकारिक रूप से नेताजी सुभाष चंद्र बोस जंक्शन गोमो के नाम से जाना जाता है। नेताजी सुभाषचन्द्र इसी स्टेशन पर कालका मेल में सवार होकर ब्रिटिश अफसरों को चकमा देने में सफल रहे थे। उन्होंने कहा कि आप सभी ने लखनऊ के पास काकोरी रेलवे स्टेशन का नाम भी जरूर सुना होगा। इस स्टेशन के साथ रामप्रसाद बिस्मिल और अशफाक उल्लाह खान जैसे जांबांजों का नाम जुड़ा है। देश भर के 24 राज्यों में फैले ऐसे 75 रेलवे स्टेशनों की पहचान की गई है , इन सभी स्टेशनों को बहुत ही खूबसूरती से सजाया जा रहा है। इनमें कई तरह के कार्यक्रमों का भी आयोजन हो रहा है। उन्होंने कहा आज़ादी के अमृत महोत्सव में हो रहे इन सारे आयोजनों का सबसे बड़ा सन्देश यही है कि हम सभी देशवासी अपने कर्तव्य का पूरी निष्ठा से पालन करें। तभी हम उन अनगिनत स्वतंत्रता सेनानियों का सपना पूरा कर पायेंगे और उनके सपनों का भारत बना पायेंगे। इसलिये हमारे अगले पच्चीस साल का ये अमृतकाल हर देशवासी के लिये कर्तव्यकाल की तरह है। हमारे वीर सेनानी हमें ये जिम्मेदारी देकर गये हैं और हमें इसे पूरी तरह से निभाना है। उन्होंने कहा मैं स्कूली बच्चों और शिक्षकों से अपील करता हूं कि वे सभी को नजदीक के उन रेलवे स्टेशन को दिखाने ले जायें जहां पर आजादी के संग्राम के महत्वपूर्ण हिस्सों को सही तरह से समझा जा सके। इस दौरान पीएम ने भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि खेलकूद की बात करें तो जुलाई का महीना एक्शन से भरपूर रहा है। भारतीय खिलाड़ियों ने विश्व मंच पर असाधारण रूप से अच्छा प्रदर्शन किया है। आज हमारे युवा हर क्षेत्र में देश को गौरवान्वित कर रहे हैं। इसी महीने पीवी सिंधु ने सिंगापुर का अपना पहला खिताब जीता है। नीरज चोपड़ा ने भी अपने बेहतरीन प्रदर्शन को जारी रखते हुये वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप में देश के लिये सिल्वर मैडल जीता है। चेन्नई में 44वें चैस ओलंपियाड की मेजबानी करना भी भारत के लिये बड़े ही सम्मान की बात है। गत 28 जुलाई को ही इस टूर्नामेंट का शुभारंभ हुआ है और मुझे इसके उद्घाटन समारोह में शामिल होने का सौभाग्य मिला। उन्होंने कहा मुझे इस बात की भी खुशी है कि भारत फीफा अंडर-17 महिला विश्वकप की भी मेजबानी करने जा रहा है। यह टूर्नामेंट अक्तूबर के आस-पास होगा जो खेलों के प्रति देश की बेटियों का उत्साह बढ़ायेगा।
उन्होंने सभी को अगले लक्ष्यों के लिये शुभकामनायें भी दी। पीएम मोदी ने देश के अलग-अलग राज्यों में चलने वाले मेले का भी जिक्र करते हुये कहा कि हमारे देश में मेलों का भी बड़ा सांस्कृतिक महत्व रहा है , मेले जन-मन दोनों को जोड़ते हैं। मेले अपने आप में हमारे समाज जीवन की ऊर्जा का बहुत बड़ा स्त्रोत होते हैं। आपके आस-पास भी ऐसे ही कई मेले होते होंगे। आधुनिक समय में समाज की ये पुरानी कड़ियां ‘एक भारत–श्रेष्ठ भारत’ की भावना को मजबूत करने के लिये बहुत ज़रूरी हैं। हमारे युवाओं को इनसे जरुर जुड़ना चाहिये और आप जब भी ऐसे मेलों में जायें , वहां की तस्वीरें सोशल मीडिया पर भी शेयर करें। इसी कड़ी में चंबा के मिंजर मेले का जिक्र करते हुये पीएम ने कहा कि मुझे हिमाचल प्रदेश से ‘मन की बात’ के एक श्रोता आशीष बहल का एक पत्र मिला है। उन्होंने अपने पत्र में चंबा के ‘मिंजर मेले’ का जिक्र किया है। दरअसल मिंजर मक्के के फूलों को कहते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि जब मक्के में मिंजर आते हैं , तो मिंजर मेला भी मनाया जाता है। इस मेले में देश भर के पर्यटक दूर-दूर से हिस्सा लेने के लिये आते हैं। उन्होंने कहा कि संयोग से मिंजर मेला इस समय चल भी रहा है। अगर हिमाचल घूमने गये हुये हैं तो इस मेले को देखने चंबा जा सकते हैं। पीएम मोदी ने दसवीं और बारहवीं कक्षा में पास हुये छात्रों को भी बधाई देते हुये कहा कि कुछ दिन पहले ही देश भर में दसवीं और बारहवीं कक्षा के परिणाम भी घोषित हुये हैं। मैं उन सभी छात्रों को बधाई देता हूं जिन्होंने अपने कठिन परिश्रम और लगन से सफलता अर्जित की है। महामारी के चलते पिछले दो साल बेहद चुनौतीपूर्ण रहे हैं। इन परिस्थितियों में भी हमारे युवाओं ने जिस साहस और संयम का परिचय दिया , वह अत्यंत सराहनीय है। मैं सभी के सुनहरे भविष्य की कामना करता हूं। पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि 02 अगस्त से 15 अगस्त तक हम सभी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल फोटो में तिरंगा लगा सकते हैं। उन्होंने कहा कि दो अगस्त का हमारे तिरंगे से विशेष संबंध भी है। इसी दिन पिंगली वेंकैया की जन्म-जयंती होती है। पिंगली वेंकैया ने हमारे राष्ट्रीय ध्वज को डिजाइन किया था। अपने राष्ट्रीय ध्वज के बारे में बात करते हुये मैं महान क्रांतिकारी मैडम कामा को भी याद करूंगा। तिरंगे को आकार देने में उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है। पीएम मोदी ने कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में भारतीय पारम्परिक चिकित्सा पद्धतियों के योगदान का विस्तार से जिक्र करते हुये कहा कि आयुष ने वैश्विक स्तर पर इसमें अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि दुनियां भर में आयुर्वेद एवं भारतीय औषधियों के प्रति आकर्षण बढ़ रहा है और यही वजह है कि आयुष के निर्यात में रिकार्ड तेजी आई है तथा इस क्षेत्र में कई नये स्टार्ट-अप भी सामने आ रहे हैं। हाल ही में एक वैश्विक आयुष निवेश और नवाचार शिखर सम्मेलन हुआ था। इसमें करीब 10 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। जुलाई महीने में भारतीय आभासी हर्बेरियम को लान्च किया गया। यह इस बात का भी उदाहरण है कि कैसे हम डिजिटल वर्ल्ड का इस्तेमाल अपनी जड़ों से जुड़ने में कर सकते हैं।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा शहद को हमारे पारंपरिक स्वास्थ्य विज्ञान में बहुत महत्व दिया गया है। आयुर्वेद ग्रंथों में तो शहद को अमृत बताया गया है। शहद ना केवल हमें स्वाद देता है बल्कि आरोग्य भी देता है। शहद उत्पादन में आज इतनी अधिक संभावनायें हैं कि पढ़ाई करने वाले युवा भी इसे अपना स्वरोजगार बना रहे हैं | युवाओं की मेहनत से ही आज देश इतना बड़ा शहद उत्पादक बन रहा है। आपको जानकार ख़ुशी होगी कि देश से शहद का निर्यात भी बढ़ गया है। पीएम मोदी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हमारे युवाओं के स्टार्ट-अप और उद्यमियों के बलबूते हमारी खिलौना उद्योग ने जो कर दिखाया है और जो सफलतायें हासिल की हैं , उसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की होगी। आज जब भारतीय खिलौनों की बात होती है तो हर तरफ वोकल फार लोकल की ही गूंज सुनाई दे रही है। प्रधानमंत्री ने कहा तिरंगा हमें जोड़ता है , हमें देश के लिये कुछ करने के लिये प्रेरित करता है। आजादी के अमृत महोत्सव के तहत 13 से 15 अगस्त तक एक विशेष अभियान ‘हर घर तिरंगा’ का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का हिस्सा बनकर 13 से 15 अगस्त तक आप अपने घर पर तिरंगा जरूर फहरायें। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने संबोधन के आखिरी में कहा कि देशवासियों , आज हमने आजादी के पचहत्तर साल पर देश की यात्रा के साथ अपनी चर्चा शुरू की। अगली बार जब हम मिलेंगे तो हमारे अगले पच्चीस साल की यात्रा भी शुरू हो चुकी होगी। इस 15 अगस्त को अपने घर और अपनों के घर पर हमारा प्यारा तिरंगा जरूर फहराया जाये , इसके लिये सभी को जुटना होगा। वहीं आपने इस बार स्वतंत्रता दिवस को कैसे मनाया और क्या कुछ खास किया ये भी मुझसे जरुर साझा कीजियेगा। इसके अलावा प्रधानमंत्री ने अपने बातचीत में आजादी की लड़ाई , इसमें शहीद उधमसिंह के बलिदान , तमिल स्वतंत्रता सेनानी वान्चीनाथन के साथ ही कर्नाटक के अमृता भारती कन्नडार्थी समारोह का जिक्र किया। गौरतलब है कि मन की बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा आयोजित एक भारतीय रेडियो कार्यक्रम है। जिसमें वे हर महीने के आखिरी रविवार को देश की जनता को संबोधित करते हैं। इस दौरान पीएम मोदी कई मुद्दों को लेकर देशवासियों से चर्चा भी करते हैं। इसके पहले अपने मासिक ‘मन की बात’ के 90वें एपिसोड में प्रधानमंत्री ने भारत के इतिहास के काले अध्याय को याद करते हुये आपातकाल का जिक्र किया था। पीएम मोदी ने कहा था कि वर्ष 1975 में आपातकाल लगाया गया था। उन्होंने उस दौर में आपातकाल का विरोध करने वालों लोगों की भी सराहना की और कहा कि आपातकाल के बाद भी लोगों ने लोकतंत्र में विश्वास नहीं खोया है।

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